Viku Mahto (Vikash Kumar): A Journey of Struggle, Self-Belief, and Digital Dreams

बिहार के गया ज़िले के एक छोटे से गाँव (तिलोरा) से निकलकर झारखंड के बोकारो तक पहुँचे विकास कुमार, जिन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर Viku Mahto के नाम से जाना जाता है, आज एक Digital Creator and News Writer के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहानी किसी रातों-रात मिली सफलता की नहीं, बल्कि लगातार 4 सालों से संघर्ष, असफल प्रयासों और आत्मनिर्भर बनने की ज़िद से भरी हुई है।

किसान परिवार में जन्म, गरीबी में बीता बचपन (Born in a Farmer Family)

विकास कुमार का जन्म गया ज़िले के एक साधारण तिलोरा गाँव में हुआ। वे एक poor farmer family from Bihar से आते हैं। उनके पिता किसान हैं और आज भी खेती से ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। बचपन से ही उन्होंने आर्थिक तंगी, सीमित संसाधनों और अनिश्चित भविष्य के बीच जीवन को देखा। घर में न तो आर्थिक सहारा था और न ही ऐसा कोई मार्गदर्शन, जो उन्हें सही दिशा दिखा सके। जिन परेशानियों और दबावों से वे गुज़रे, उन्हें वही समझ सकते हैं जिन्होंने गरीबी को करीब से देखा हो।

शिक्षा और सोच में बदलाव (Education and Change in Mindset)

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई Bihar School Examination Board (BSEB) से पूरी की और 10वीं/12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद बेहतर भविष्य की तलाश उन्हें बिहार से बाहर ले आई। झारखंड में रहकर उन्होंने रांची स्थित AIMS संस्थान से D Pharma की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें यह एहसास होने लगा कि केवल डिग्री से जीवन की मुश्किलें खत्म नहीं होंगी। यहीं से Digital Career को लेकर उनकी सोच ने आकार लेना शुरू किया।

Viku Mahto

2023 से शुरू हुआ डिजिटल संघर्ष (Digital Journey Since 2021)

वर्ष 2023 में विकास कुमार ने Digital World में कदम रखा। इस दौरान उन्होंने कई रास्ते आज़माए। कभी online product selling की कोशिश की, कभी दूसरों के लिए freelance work किया और कभी बिना किसी स्थिर आमदनी के डिजिटल प्रोजेक्ट्स पर मेहनत करते रहे। कई बार मेहनत का सही परिणाम नहीं मिला, लेकिन हर असफलता ने उन्हें कुछ नया सिखाया।

जब कोई सहारा नहीं था (Struggle Without Support)

इस पूरे सफर का सबसे कठिन पहलू यह रहा कि उन्हें परिवार से किसी तरह का विशेष समर्थन नहीं मिला। आर्थिक दबाव लगातार बना रहा और कई बार हालात बेहद कठिन हो गए। मानसिक तनाव, अनिश्चित भविष्य और जिम्मेदारियों का बोझ इन सबका सामना उन्होंने अकेले किया। फिर भी उन्होंने हालातों को दोष देने के बजाय खुद पर भरोसा बनाए रखा। यही आत्मविश्वास धीरे-धीरे उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया।

बोकारो में नई शुरुआत (Currently Based in Bokaro, Jharkhand)

आज विकास कुमार बोकारो, झारखंड में रहकर पूरी तरह independently काम कर रहे हैं। वे digital content creation, news writing और website development के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब उनका पूरा फोकस किसी और के लिए काम करने के बजाय, अपनी खुद की पहचान और भविष्य गढ़ने पर है। भले ही अभी उन्हें वह सफलता नहीं मिली है जिसकी वे तलाश कर रहे हैं, लेकिन उनका रास्ता साफ़ है।

भविष्य का लक्ष्य: अपना Digital Brand (Future Goal: Own Digital Brand)

विकास कुमार का सपना है कि वे आने वाले समय में अपना खुद का digital brand स्थापित करें। वे चाहते हैं कि Viku Mahto नाम उन युवाओं के लिए प्रेरणा बने, जो बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के गाँवों से आते हैं, जिनके पास संसाधन नहीं होते, लेकिन मेहनत और धैर्य की कोई कमी नहीं होती।

एक कहानी जो अभी लिखी जा रही है (A Story Still in Progress)

यह किसी सफल व्यक्ति की अंतिम कहानी नहीं है। यह उस संघर्षशील युवा की कहानी है, जो आज भी हालातों से लड़ रहा है। कई बार टूटा, कई बार निराश हुआ, लेकिन रुका नहीं। शायद यही वजह है कि विकू महतो की कहानी आज के उन युवाओं की आवाज़ बन सकती है, जो अपने सपनों के लिए अकेले संघर्ष कर रहे हैं।

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